तुलसी के फायदे यौन रोग,कैंसर जैसे कई बीमारियों में
Tulasi ke fayde
तुलसी का उपयोग सदियों से औषधीय रूप में होते आ रहा है, जिसका इस्तेमाल कई बीमारियों में किया जाता है। सर्दी-खांसी से लेकर कई बड़ी और भयंकर बीमारियों में भी एक कारगर औषधि के रूप में इसका उपयोग किया जाता है।
![]() |
| |Tulasi ke fayde |
तुलसी का धार्मिक महत्त्व भी है। पौराणिक समय से हिंदू परिवारों में तुलसी की पूजा की जाती है। इसे सुख और कल्याण के तौर पर देखा जाता है लेकिन पौराणिक महत्त्व से अलग तुलसी एक जानी-मानी औषधि भी है, जिसका इस्तेमाल कई बीमारियों में किया जाता है। सर्दी-खांसी से लेकर कई बड़ी और भयंकर बीमारियों में भी एक कारगर औषधि के रूप में उपयोग किया जाता है।
वैज्ञानिक वर्गीकरण
जगत: पादप
अश्रेणीत:
w: Asterids. ऍस्टरिड्स
गण:
w: Lamiales. लैमिएल्स
कुल:
w: Lamiaceae. लैमिएशी
आयुर्वेद में तुलसी के पौधे के हर भाग को स्वास्थ्य के दृष्टकोण से फायदेमंद माना गया है। तुलसी की जड़, उसकी शाखाएँ, पत्ती और बीज सभी का अपना-अपना महत्त्व है। आमतौर पर घरों में दो तरह की तुलसी देखने को मिलती है। एक जिसकी पत्तियों का रंग थोड़ा गहरा होता है औ दूसरा जिसकी पत्तियों का रंग हल्का होता है।
तुलसी कई रोगों में फायदेमंद होता है लेकिन यौन-रोगों में यह काफी फायदेमंद होता है। यौन रोगों की दवाइयाँ बनाने में तुलसी खास तौर पर इस्तेमाल की जाती है। तुलसी में कई ऐसे औषधीय गुण होते हैं, जिससे मौसमी बीमारियों के साथ ही कैंसर जैसी घातक बीमारी में भी संजीवनी का काम करती है। आयुर्वेद में तुलसी की पत्तियों को चबाने से मना किया जाता है। कई शोध के अनुसार में वैज्ञानिकों ने सिद्ध किया है कि तुलसी की पत्तियों में एंटी बॉयोटिक तत्व पाए जाते हैं। आयुर्वेद में तुलसी को सेहत के लिए फायदेमंद बताया गया है। इसमें माइक्रोबियल-रोधी, सूजन-रोधी, गठिया-रोधी, लिवर को सुरक्षा देने वाले, डायबिटीज-रोधी और दमा-रोधी गुण पाए जाते हैं। आइए जानते हैं तुलसी कैसे शरीर के लिए फायदेमंद है। अब आइए जानते हैं तुलसी के कुछ बेशकीमती फायदे-
पुरुषों में शारीरिक कमजोरी होने पर तुलसी के बीज का इस्तेमाल काफी फायदेमंद होता है। इसके अलावा यौन-दुर्बलता और नपुंसकता में भी इसके बीज का नियमित इस्तेमाल फायदेमंद हो सकता है।
अक्सर महिलाओं को पीरियड्स में अनियमितता की शिकायत समस्या होती है। ऐसे में तुलसी के बीज का इस्तेमाल करना फायदेमंद हो सकता है। मासिक धर्म की अनियमितता को दूर करने के लिए तुलसी के पत्तों का सेवन से नियमित किया जा सकता है।
अगर आपको सर्दी या फिर हल्का बुखार है तो मिश्री, काली मिर्च और तुलसी के पत्ते को पानी में अच्छी तरह से पकाकर उसका काढ़ा पीने से फायदा हो सकता है। आप चाहें तो इसकी गोलियाँ बनाकर भी खा सकते हैं।
4. दस्त होने पर फायदेमंद तुलसी-
अगर आप दस्त से परेशान हैं तो तुलसी के पत्तों का सेवन आपको फायदा देगा। तुलसी के पत्तों को जीरे के साथ मिलाकर पीस लें। इसके बाद उसे दिन में 3-4 बार चाटते रहे। ऐसा करने से दस्त रुक जाती है।
5. सांस की दुर्गंध दूर करने के लिए फायदेमंद तुलसी-
सांस की दु्र्गंध को दूर करने में भी तुलसी के पत्ते काफी फायदेमंद होते हैं और नेचुरल होने की वजह से इसका कोई साइडइफेक्ट भी नहीं होता है। अगर आपके मुंह से बदबू आ रही हो तो तुलसी के कुछ पत्तों को चबा लें। ऐसा करने से दुर्गंध की समस्या ठीक हो जाती है।
अगर आपको कहीं चोट लग गई हो तो तुलसी के पत्ते को फिटकरी के साथ मिलाकर लगाने से घाव जल्दी ठीक हो जाता है। तुलसी में एंटी-बैक्टीरियल तत्व होते हैं जो घाव को पकने नहीं देता है। इसके अलावा तुलसी के पत्ते को तेल में मिलाकर लगाने से जलन भी कम होती है।
त्वचा सम्बंधी रोगों में तुलसी खासकर फायदेमंद है। इसके इस्तेमाल से कील-मुहांसे खत्म हो जाते हैं और चेहरा साफ होता है।
8. कैंसर के इलाज में फायदेमंद-
कई शोधों में तुलसी के बीज को कैंसर के इलाज में भी फायदेमंद साबित होता है। हालांकि अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
9. इम्यून सिस्टम को मजबूत करती है तुलसी-
आपको ये जानकर हैरान होगी कि तुलसी मानसिक तनाव को कम करने के साथ-साथ इम्यून सिस्टम को भी मजबूत करती है। अनेक शोध में पता चला है कि तुलसी में एंटी-स्ट्रेस गुण पाए जाते हैं। इसके अलावा तुलसी शरीर में कोर्टिसोल के स्तर को भी संतुलित करती है। आप जानते होंगे कि कोर्टिसोल एक प्रकार का हार्मोन होता है, जिसका सम्बंध मानसिक तनाव से होता है। तुलसी से श्वसन सम्बंधी बीमारियों, ब्रोंकाइटिस, फेफड़ों आदि का संक्रमण भी दूर हो सकता है।
10. वजन कम करने में सहायक तुलसी-
तुलसी वजन कम करने में सहायक होती है। कई बार देखा जाता है कि तनाव में कुछ मरीजों की भूख बढ़ जाती है और वे ज़्यादा खाने लगते हैं, जिससे वजन भी बढ़ने लगता है। चूंकि तुलसी में तनाव को कम करने का भी गुण होता है। इसके चलते यह वजन कम करने में सहायक होती है।
11. मुंह को साफ करने व छाले ठीक में असरदार तुलसी-
तुलसी मुंह से सम्बंधित बीमारियों को भी नियंत्रित करती है। तुलसी के पत्तों के सेवन से मुंह से बदबू, पायरिया, मसूड़ों की बीमारी नहीं होती है। तुलसी में एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो मुंह में अवांछित बैक्टिरिया को खत्म कर देती है और मुंह तरोताजा कर देती है। इस कारण मुंह में होने वाले बीमारियाँ तुलसी के सेवन से दूर हो जाती है।
12. आंखों की रोशनी बढ़ाती है तुलसी-
इसके अलावा तुलसी में विटामिन ए भी बहुतायत में पाया जाता है इसलिए यह आंखों के लिए भी काफी हितकारी है। लेकिन आंखों में तुलसी का पानी या रस डालने से पहले डॉक्टर से सलाह ज़रूर ले लेनी चाहिए, क्योंकि यह पता लगाना ज़रूरी है कि तुलसी की किस प्रजाति की पत्तियों का रस आंखों के लिए लाभदायक होता है। अन्यथा कहीं-कहीं जंगली तुलसी भी पाई जाती है, जिसका उपयोग करने से आंखों को नुकसान भी हो सकता है।
तुलसी की पत्तियों को नहीं चबाना चाहिए
तुलसी की पत्तियों में काफी मात्रा में लौह तत्व व पारा पाया जाता है, जो हमारे दांतों को नुकसान पहुंचा सकता है इसलिए आयुर्वेद में तुलसी को चबाने से मना किया जाता है। इसके अलावा तुलसी के पत्ते में कुछ मात्रा में आर्सेनिक भी पाया जाता है, जो दांतों को नुकसान पहुंचा सकता है। यदि प्रतिदिन तुलसी की पत्तियों को चबाएंगे तो मुंह में मौजूद क्षार तत्वों से मिल जाने पर दांतो में सड़न सम्बंधित खतरा बढ़ जाता है। तुलसी की पत्तियाँ प्राकृतिक रूप से थोड़ी अम्लीय यानी एसिडिक होती हैं, जिससे दांतों में दर्द की शिकायत हो सकती है।
अस्वीकरण
(Disclaimer)
इस जानकारी की सटीकता, प्रासंगिकता और वास्तविकता को सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया गया है। हालांकि, यह https: / / healthiswealthsalogan. blogspot. com / की नैतिक जिम्मेदारी नहीं है। आप किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने डॉक्टर से आवश्यक सलाह लेने का विनम्र अनुरोध करते हैं। हमारा उद्देश्य केवल आपको जानकारी प्रदान करना मात्र है।












